सुन्दर है जग में सबसे, नाम भी न्यारा है, जहाँ जाती-भाषा से बढ़कर, देश-प्रेम की धारा है, निशचल, पवन, प्रेम पुराना, वो भारत देश हमारा है!! स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाये!
ना सरकार मेरी है ! ना रौब मेरा है ! ना बड़ा सा नाम मेरा है ! मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है , मै “हिन्दुस्तान” का हूँ…. और “हिन्दुस्तान” मेरा है… जय हिन्द
वतन हमारा ऐसे ना छोड़ पाए कोई, रिश्ता हमारा ऐसे ना तोड़ पाए कोई, दिल हमारे एक है एक है हमारी जान, हिंदुस्तान 🇮🇳 हमारा हैं हम हैं इसकी शान। Happy Independence Day
स्वतंत्रता दिवस पर शायरी अब तक जिसका खून न खौला, वो खून नहीं वो पानी है… जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है… ... सुन्दर है जग में सबसे, नाम भी न्यारा है, जहाँ जाती-भाषा से बढ़कर, देश-प्रेम की धारा है, निशचल, पवन, प्रेम पुराना, वो भारत देश हमारा है!! ...
उर्दू अदब के मक़बूल नामों में से एक हैं हजरत जौन एलिया, जिन्होंने शायरी की लीक को एक नया मोड़ दिया इसलिए वे सीधे दिल में उतरे और उनके शेर महबूबों के राग बन गए। पेश हैं जौन एलिया के लिखे बेहतरीन शेर अपने सब यार काम कर रहे हैं और हम हैं कि नाम कर रहे हैं अब तो हर बात याद रहती है ग़ालिबन मैं किसी को भूल गया विज्ञापन अब मेरी कोई ज़िंदगी ही नहीं अब मेरी कोई ज़िंदगी ही नहीं अब भी तुम मेरी ज़िंदगी हो क्या इलाज ये है कि मजबूर कर दिया जाऊँ वगरना यूँ तो किसी की नहीं सुनी मैंने उस गली ने ये सुन के सब्र किया उस गली ने ये सुन के सब्र किया जाने वाले यहाँ के थे ही नहीं एक ही तो हवस रही है हमें अपनी हालत तबाह की जाए क्या तकल्लुफ़ करें ये कहने में क्या तकल्लुफ़ करें ये कहने में जो भी ख़ुश है हम उस से जलते हैं कैसे कहें कि तुझ को भी हम से है वास्ता कोई तू ने तो हम से आज तक कोई गिला नहीं किया काम की बात मैंने की ही नहीं काम की बात मैंने की ही नहीं ये मेरा तौर-ए-ज़िंदगी ही नहीं कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे कितनी दिलकश हो तुम कितना दिल-जू हूँ मै...